Tuesday, 27 August 2013

देख लुं तेरी नजर से.......

देख लु तेरी नजर से आज खुदको जरा..
तो बदल जायेगा इस जिंदगीका हाल जरा...

आँखोमे मेरे काजल नही मेरे सपने दिखें
इस चेहरेमे भी तुम्हे तुम्हारे अपने दिखें

होठोके गुलाब नही तुम्हे मेरे लब्ज भायें
बोलु तो केहते हो कोइ कोयलहीं गुनगुनाए

मेरे गलत में भी तुम्हे अच्छाई सिर्फ दिखाई दिई
मेरी झुठमेंभी सच्चाई सिर्फ सुनाई दिई

शरारत में मेंरे कैसे दिखे शराफत तुम्हे...

तेरी नजर से मै देख लुं अगर खुदको जरा
तो खुदसेही प्यार करने लगु......
"बस काजल की मेरे रेंख एक आँखोसे निकाल लुं
तेरी आँखोमे डालें आज मैं उनकी नजर उतार लुं"
         
                                   -मानसी देवधर.

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